हमास का समर्थन करने वाले मीडिया संस्थानों, नेताओं पर इजरायली राजदूत ने साधा निशाना, कही बड़ी बात (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)


नई दिल्ली, 26 फरवरी (आईएएनएस)। भारत में इजरायल के राजदूत रियुवेन अजार ने बुधवार को उन नेताओं, राजनीतिक दलों और मीडिया संस्थानों पर सवाल उठाया, जो हमास की क्रूरता के खिलाफ आवाज उठाए बिना केवल फिलिस्तीनी अधिकारों के लिए लड़ना चाहते हैं।

अजार ने आईएएनएस को दिए एक विशेष इंटरव्यू में कहा, “जो फिलिस्तीनी हमारे साथ शांति से रहना चाहते हैं और जो हमारे आत्मनिर्णय के अधिकार को मान्यता देने के लिए तैयार हैं, हम उनके आत्मनिर्णय के अधिकार को मान्यता देंगे। हम शांति समझौते पर बातचीत कर सकते हैं। लेकिन, जो लोग इससे इनकार करते हैं और हमारे अधिकारों को मान्यता दिए बिना केवल फिलिस्तीनी अधिकारों की मांग करते हैं और ऐसा करने के लिए नाजायज साधनों का उपयोग करते हैं, उन्हें पूरी तरह से खारिज किया जाना चाहिए।”

इजरायली राजदूत ने कहा, “हमारी उम्मीद है कि कोई भी शांतिप्रिय नेता या पार्टी, चाहे वे भारत में हों या भारत से बाहर, हिंसा से मुक्त एक बेहतर दुनिया बनाने की इस खोज में हमारे साथ जुड़ेंगे।”

अजार ने कहा, “हम शांति से रहना चाहते हैं। हमारा मानना ​​है कि हमारे क्षेत्र के लोग शांति से रहने के हकदार हैं और हम सभी की आकांक्षाओं को पूरा कर सकते हैं, बशर्ते वे दूसरे पक्ष को नष्ट करने या पूरी तरह से मिटाने की कोशिश न कर रहे हों।”

इजरायली राजदूत ने हमास का कथित दुष्प्रचार करने के लिए मध्य पूर्व और पश्चिम के कई मीडिया नेटवर्क की आलोचना की।

अजार ने कहा, “यह हमारे लिए, पश्चिमी दुनिया के लिए, सभ्य दुनिया के लिए एक चुनौती है, क्योंकि इन चैनलों द्वारा प्रचारित किए जा रहे ये मूल्य हिंसा को बढ़ावा दे रहे हैं। यह समस्याग्रस्त है। इसके अलावा, पश्चिम में आपके पास कई ऐसे आउटलेट हैं जो पूरी तरह से पक्षपाती हैं क्योंकि इन नेटवर्कों में काम करने वाले कई रिपोर्टर, विशेष रूप से वे जो मध्य पूर्व को कवर करते हैं, वे भी इस नेटवर्क का हिस्सा हैं।”

इजरायली राजदूत ने कहा, “हम एक समृद्ध देश में रहना चाहते हैं। हम अपने परिवारों की रक्षा कर रहे हैं। हम उन चीजों की रक्षा करना चाहते हैं जो हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं, और हमारे पास जाने के लिए कोई और जगह नहीं है। हमें लोगों के साथ मिलकर काम करना होगा, समाजों को कट्टरपंथ से मुक्त करना होगा। यह उन चुनौतियों में से एक है जिसका हम अभी गाजा पट्टी में सामना कर रहे हैं।”

अजार ने कहा, “18 साल पहले जब से हमास ने सत्ता संभाली है, तब से वे शिक्षा प्रणाली को व्यवस्थित तरीके से कट्टरपंथी बना रहे हैं, गाजा पट्टी के हर बच्चे को यह सिखा रहे हैं कि उनकी भूमिका शांति से रहना या गाजा का निर्माण करना नहीं है, बल्कि इजरायल को नष्ट करना और यहूदियों को मारना है। इसे बदलना होगा क्योंकि जब तक शिक्षा प्रणाली नहीं बदलेगी, कुछ भी नहीं बदलेगा, और हमारा भविष्य बहुत ही भयावह होगा।”

–आईएएनएस

एमके/


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