300 अरब डॉलर की फंडिंग, प्रतिबंध हटाना, होर्मुज से 60 दिनों तक टोल फ्री ट्रांजिट, जानें यूएस-ईरान डील में और क्या-क्या है?


वाशिंगटन, 18 जून (आईएएनएस)। अमेरिका और ईरान के बीच महीनों से चल रहे संघर्ष और तनाव को खत्म करने के लिए गुरुवार को समझौते पर हस्ताक्षर किया गया। इस समझौते का मकसद दोनों पक्षों के बीच सीजफायर को बढ़ाना और होर्मुज स्ट्रेट से शिपिंग ट्रांजिट फिर से शुरू करना है।

14 सूत्रीय इस समझौते के तहत ईरान पर लगे सभी प्रतिबंध हटा लिए गए हैं। ईरान दुनिया को अब तेल बेच सकता है। इसके साथ ही ईरान को अरबों डॉलर की प्रतिबंधित संपत्तियां और 300 बिलियन डॉलर की फंडिंग भी मिल सकती है।

समझौते की अहम बातें इस प्रकार हैं-

1. अमेरिका और ईरान ने इस ज्ञापन समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं ताकि लेबनान समेत सभी मोर्चों पर सैन्य ऑपरेशन को तुरंत और हमेशा के लिए खत्म करने का ऐलान किया जा सके और अब से एक-दूसरे के खिलाफ कोई युद्ध या कोई मिलिट्री ऑपरेशन शुरू न करने, एक-दूसरे के खिलाफ धमकी देने या ताकत का इस्तेमाल न करने और लेबनान की एकता और संप्रभुता को सुनिश्चित करने का वादा किया जा सके।

2. अमेरिका और ईरान एक-दूसरे की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने और एक-दूसरे के अंदरूनी मामलों में दखल देने से बचने का वादा करते हैं।

3. अमेरिका और ईरान ने ज्यादा से ज्यादा 60 दिनों में बातचीत करके फाइनल डील करने का वादा किया है, जिसे आपसी सहमति से बढ़ाया जा सकता है।

4. इस समझौते पर हस्ताक्षर करने के तुरंत बाद, अमेरिका ईरान के खिलाफ नौसेना की नाकेबंदी और किसी भी गड़बड़ी या रुकावट को हटाना शुरू कर देगा। अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को हटाने के लिए 30 दिनों का समय तय किया गया है।

इस दौरान, जहाजों की आवाजाही को चरणबद्ध तरीके से बहाल किया जाएगा और उसका स्तर ईरान द्वारा युद्ध शुरू होने से पहले संचालित किए जा रहे समुद्री यातायात के अनुपात में रखा जाएगा।

5. ईरान, फारस की खाड़ी से ओमान सागर तक (और इसके विपरीत) वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास करेगा। वाणिज्यिक जहाजों का यह आवागमन तत्काल प्रभाव से शुरू होगा। हालांकि, मार्ग में आने वाली तकनीकी व सैन्य बाधाओं को दूर करने और ईरान द्वारा अगले 30 दिनों के भीतर बारूदी सुरंगों को हटाने (डीमाइनिंग) की आवश्यकता को ध्यान में रखकर यह कदम उठाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, होर्मुज स्ट्रेट में भविष्य की प्रशासनिक और समुद्री सेवाओं की रूपरेखा तय करने के लिए ईरान, ओमान के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेगा।

यह बातचीत फारस की खाड़ी के दूसरे तटीय देशों के साथ चर्चा में होगी, जो लागू अंतरराष्ट्रीय कानून और होर्मुज के तटीय देशों के संप्रभु अधिकारों के अनुसार होगी।

6. अमेरिका, ईरान के विनिर्माण और आर्थिक विकास के लिए कम से कम 300 बिलियन डॉलर का एक आपसी सहमति वाला प्लान बनाने के लिए क्षेत्रीय साझेदारों के साथ काम कर रहा है। इस प्लान को लागू करने का तरीका 60 दिनों के अंदर एक फाइनल डील के हिस्से के तौर पर तय किया जाएगा। संबंधित ट्रांजैक्शन के लिए सभी जरूरी लाइसेंस, छूट और परमिशन अमेरिका देगा।

7. अमेरिका ईरान के खिलाफ सभी तरह के बैन खत्म करने का वादा करता है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव भी शामिल हैं।

8. ईरान फिर से यह निश्चित करेगा कि वह न्यूक्लियर हथियार नहीं बनाएगा। दोनों पक्ष ईरान के यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम के भविष्य, संवर्धित परमाणु सामग्री के उसके स्टॉक और ईरान की परमाणु ऊर्जा की जरूरतों सहित दूसरे न्यूक्लियर मुद्दों पर चर्चा करेंगे। फाइनल एग्रीमेंट में एक कोऑपरेशन फ्रेमवर्क शामिल किया जाएगा।

9. फाइनल डील होने तक, अमेरिका और ईरान मौजूदा स्थिति बनाए रखने पर सहमत हैं। ईरान अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम की मौजूदा स्थिति बनाए रखेगा और अमेरिका कोई नए प्रतिबंध नहीं लगाएगा। इसके साथ ही, अमेरिका ईरान के इलाके में और सेना नहीं भेजेगा।

10. अमेरिका यह वादा करता है कि इस समझौते पर हस्ताक्षर करने के तुरंत बाद और प्रतिबंध खत्म होने तक, अमेरिकी वित्त विभाग ईरान के कच्चे तेल, पेट्रोलियम उत्पाद और व्युत्पाद के एक्सपोर्ट और बैंकिंग ट्रांजैक्शन, बीमा, आवाजाही, वगैरह समेत सभी जुड़ी सेवाओं के लिए छूट देगा।

11. अमेरिका इस समझौते के लागू होने पर ईरान के फ्रीज किए गए या रोके गए फंड और एसेट्स (संपत्तियों) को इस्तेमाल के लिए पूरी तरह से उपलब्ध कराने का वादा करता है। अमेरिका और ईरान बातचीत के दौरान इन फंड को जारी करने से जुड़ी प्रक्रिया को लेकर आपस में सहमत होंगे।

12. अमेरिका और ईरान इस बात पर सहमत हैं कि इस समझौते को सफलतापूर्वक लागू करने और फाइनल डील के भविष्य के पालन पर नजर रखने के लिए एक एग्जीक्यूटिव सिस्टम बनाया जाएगा।

13. इस समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद और इस एमओयू के पैराग्राफ 1, 4, 5, 10, और 11 के लागू होने की शुरुआत और इन उपायों के लगातार लागू होने के बाद, अमेरिका और ईरान सिर्फ दूसरे पैराग्राफ पर फाइनल डील के बारे में बातचीत शुरू करेंगे।

14. फाइनल डील को यूएनएससी के एक बाइंडिंग प्रस्ताव से मंजूरी मिलेगी।

–आईएएनएस

केके/एएस


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