गाजा में और 2,80,000 लोग हुए विस्थापित : संयुक्त राष्ट्र


संयुक्त राष्ट्र, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। गाजा में दो सप्ताह पहले युद्ध बढ़ने के बाद से लगभग 280,000 गाजावासी और विस्थापित हुए। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायताकर्ताओं के अनुसार, इनमें से कुछ को भीड़भाड़ वाले, शेल्टर में जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।

‘द यूएन ऑफिस फॉर द कॉर्डिनेशन अफेयर्स (ओसीएचए)’ के मुताबिक, इजरायली की तरफ से और अधिक विस्थापन आदेश जारी किए गए हैं, जिससे लोगों को सुरक्षा की तलाश में फिर से पलायन करने को मजबूर होना पड़ा है।

ओसीएचए के मुताबिक, लोग आश्रय गृहों में भी शरण लेने को मजबूर हैं, जहां पहले से ही लोगों की भीड़ है। इस वजह से लोगों में विभन्न प्रकार के संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी देखने को मिल रही हैं।

विभाग के मुताबिक, नाकेबंदी की वजह से समस्याओं का समाधान तलाशने में दिक्कत हो रही है, क्योंकि गाजा में स्वच्छता के लिए मौजूदा समय में कोई पर्याप्त साधान नहीं है।

ओसीएचए ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र और उसके मानवीय साझेदार परिस्थितियों के अनुसार आबादी की जरूरतों को पूरा करने के लिए काम करना जारी रखेंगे। सभी मानवीय सहायता और जरूरी सामानों के प्रवेश पर महीने भर की नाकेबंदी के कारण आबादी बुनियादी ज़रूरतों से वंचित है। गाजा के अंदर खाद्य सहायता तेजी से खत्म हो रही है।

हालांकि, कार्यालय ने कहा कि खाद्य सुरक्षा साझेदार अब तक प्रतिदिन 9,00,000 से अधिक होट मील वितरित करने में सक्षम रहे हैं।

OCHA ने गाजा में प्रवेश करने वाले माल और मानवीय सहायता के लिए क्रॉसिंग को तुरंत दोबारा खोलने का आग्रह किया।

इससे पहले इजरायली सेना ने फिलीस्तीनी क्षेत्र से रॉकेट हमलों को रोकने का हवाला देते हुए उत्तरी गाजा पट्टी के कई इलाकों में नागरिकों को अपना घर छोड़ देना का आदेश दिया। सैन्य प्रवक्ता अविचाय एड्रै ने बुधवार को निवासियों से ‘तुरंत पश्चिम की ओर गाजा शहर में शरण लेने’ को कहा। उन्होंने ‘आतंकवादी संगठनों’ पर ‘नागरिकों के बीच से’ हमले करने का आरोप लगाया।

–आईएएनएस

एसएचके/एमके


Show More
Back to top button