संभावनाओं का साल 2026 : सोने और चांदी में फिर आएगी तूफानी तेजी या थमेगी रफ्तार?


नई दिल्ली, 2 जनवरी (आईएएनएस)। सोने और चांदी के लिए 2025 ऐतिहासिक रहा है। इस दौरान सोने ने करीब 65 प्रतिशत और चांदी ने 140 प्रतिशत से अधिक का रिटर्न दिया है। ऐसे में यह साल कीमती धातुओं के लिए कैसा रहेगा। इस पर हमने एक्सपर्ट से बातचीत की है।

समाचार एसेंजी आईएएनएस से बातचीत करते हुए इंडिया बुलियन ज्लेवर्स एसोसिएशन के गुजरात के अध्यक्ष नैनेश पच्चीगर ने कहा कि 2025 में सोने और चांदी ने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है और वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए ऐसा लगता है कि इस साल भी सोने और चांदी की कीमतों में मजबूती जारी रह सकती है।

उन्होंने विस्तार से बताते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में मौजूदा समय में सोने की कीमतें 4,300 डॉलर प्रति औंस के आसपास हैं और यह 5,000 डॉलर प्रति औंस तक जा सकती हैं। ऐसे में सोने में यहां से 700 डॉलर प्रति औंस यानी 16 प्रतिशत से अधिक की तेजी देखने को मिल सकती है।

चांदी के आउटलुक के बारे में पच्चीगर ने कहा कि आने वाले समय में इसके 85 डॉलर प्रति औंस तक जाने का अनुमान है, मौजूदा समय में चांदी का भाव 70 डॉलर प्रति औंस के आसपास है। यह दिखाता है कि इस साल चांदी में करीब 20 प्रतिशत की और तेजी आ सकती है।

डायमंड मार्केट पर बातचीत करते हुए पच्चीगर ने कहा कि कम कीमतों की वजह पूरी दुनिया में लैब में बनाए जाने वाले हीरों की मांग प्राकृतिक हीरों की अपेक्षा काफी अधिक है। किफायती होने के कारण आने वाले कुछ वर्षों तक लैब में बने हीरों की मांग अधिक रहने की संभावना है।

उन्होंने आगे कहा कि मुझे लगता है कि तीन-चार वर्षों बाद प्राकृतिक हीरों की मांग फिर से बढ़ने की संभावना है। फिलहाल यह सीमित ही रहेगी।

सोने और चांदी के लिए 2025 काफी शानदार रहा। इसकी वजह वैश्विक अस्थिरता, अमेरिकी टैरिफ और विभिन्न देशों के बीच तनाव को माना जा रहा है।

–आईएएनएस

एबीएस/


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