बांग्लादेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था के बीच हत्याओं में 14 प्रतिशत की वृद्धि: रिपोर्ट


ढाका, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। कानून व्यवस्था को लेकर जनता की बढ़ती चिंताओं के बीच बांग्लादेश में हिंसक अपराधों में खतरनाक वृद्धि देखी जा रही है। स्थानीय मीडिया ने पुलिस आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 2026 की पहली तिमाही में हत्याओं में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

बांग्लादेश के प्रमुख दैनिक ढाका ट्रिब्यून के एक संपादकीय के अनुसार, सोमवार दोपहर राजधानी के मोहखाली इलाके में एक डॉक्टर पर हुए हालिया चाकू हमले जैसी घटना देश भर में बढ़ती असुरक्षा की भावना को दर्शाने वाली ऐसी ही कई घटनाओं में से एक है।

इसमें उल्लेख किया गया है कि हिंसक अपराधों में वृद्धि से कानून प्रवर्तन एजेंसियों पर जनता का भरोसा कम होता है और सामाजिक स्थिरता खतरे में पड़ती है। विशेष रूप से ऐसे समय में जब ईरान युद्ध ऊर्जा सुरक्षा को खतरे में डाल रहा है और जीवन यापन की लागत बढ़ा रहा है, नागरिकों को कम से कम अपने घरों, कार्यस्थलों और समुदायों में सुरक्षित महसूस करने का अधिकार है।

रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया कि खुलेआम हमले ज्यादा बार हो रहे हैं, जबकि सबसे चिंताजनक बात यह है कि अपराधियों को सजा न मिलने का भ्रम अभी भी बना हुआ है। इसमें कहा गया है कि आपराधिक गिरोह तब पनपते हैं जब पुलिस व्यवस्था कमजोर होती है, जांच धीमी होती है और न्याय में देरी होती है ये स्थितियां व्यवस्था में जड़ जमा चुकी हैं। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि त्वरित जवाबदेही के बिना अपराध सामान्य हो जाता है और डर रोजमर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बन जाता है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि बांग्लादेश में बढ़ते अपराध महज कानून-व्यवस्था के मुद्दों से कहीं अधिक हैं और यह आर्थिक विकास, सामाजिक सामंजस्य और राष्ट्रीय स्थिरता के लिए एक बढ़ता खतरा बन गया है।

इसमें जोर दिया गया कि “2026 में हत्याओं और हिंसक हमलों में हुई वृद्धि सरकार के लिए एक चेतावनी के रूप में काम करनी चाहिए ताकि वह निर्णायक कार्रवाई करे, यह सुनिश्चित करते हुए कि कानून प्रवर्तन सार्वजनिक हित में काम करे और न्याय त्वरित और निश्चित हो।”

बांग्लादेश की निर्दलीय सांसद रुमीन फरहाना ने बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि उनके बार-बार आश्वासन देने के बावजूद देश में ऐसी घटनाओं को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भीड़ द्वारा हमले जारी हैं।

डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को संसद सत्र में बोलते हुए रुमीन ने कहा, “गृह मंत्री यहां मौजूद हैं। उन्होंने एक बार नहीं, दो बार नहीं, बल्कि कई बार हमें आश्वासन दिया है कि बांग्लादेश में भीड़-भाड़ वाली संस्कृति का अस्तित्व नहीं रहेगा।”

मंत्री ने सभी को आश्वासन दिया था कि दंड से मुक्ति की संस्कृति समाप्त हो जाएगी और लोगों को न्याय मिलेगा। फिर भी हमने देश भर में एक के बाद एक भीड़ द्वारा किए गए हमलों को जारी देखा है।

मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के 18 महीने के कार्यकाल के दौरान बांग्लादेश में भीड़ द्वारा किए गए हमलों में तेजी से वृद्धि देखी गई है, और आलोचकों ने चेतावनी दी है कि व्यवस्था बहाल करने के बार-बार आश्वासन के बावजूद वर्तमान शासन के तहत ऐसी घटनाएं बिना किसी रुकावट के जारी हैं।

–आईएएनएस

डीकेपी/


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