अयोध्या का कचरा भी होगा फायदेमंद, बनेगा बायोडीजल

लखनऊ। आज के दौर में कुछ भी बेस्ट नहीं, बस उसके अंदर अवसर की तलाश आवश्यक है। कहावत है, गुदड़ी में होते हैं लाल। लाल होते मगर जो पारखी है, ढूंढ लेता है। अयोध्या में अब ऐसे ही होने वाला है। कचरे से बायोडीजल बनेगा। हर शहर की सबसे बड़ी समस्या बेस्ट एंड क्राउड की होती है। अयोध्या चूंकि विश्व के पटल पर पर्यटन के लिहाज से प्रमुख स्थान बना चुकी है, जाहिर है पर्यटकों की आमद बढ़ेगी तो सम्भावित समस्याओं का निदान करना होगा।

अयोध्या होगा पायलट प्रोजेक्ट

राम मंदिर के उद्घाटन से पहले अयोध्या के नाम बड़ी उपलब्धि जुड़ गई। 2024 में राम मंदिर का उद्घाटन होना है। राम मंदिर के खुलने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में भारी उछाल आने की संभावना है। इससे और कचरा पैदा होगा और निस्तारण निगम के लिए प्रमुख मुद्दा होगा। इसको देखते कचरे से बायोडीजल बनाने के पायलट प्रोजेक्ट के लिए अयोध्या को चुना गया है। नगर निगम आयुक्त विशाल सिंह के मुताबिक जल्द ही बायोडीजल प्रोजेक्ट शुरू होगा। बेल्जियम की वीटो जल्द ही अयोध्या में एक बायोडीजल प्रोजेक्ट शुरू करने वाली है। कंपनी, जिसके अधिकारियों ने प्रोजेक्ट पर काम करना शुरू कर दिया है। कम्पनी क्लीनटेक और सतत विकास के क्षेत्रों में काम करती है। वीटो के एशिया-प्रशांत प्रमुख हफीज रहमान और अधिकारियों ने अयोध्या प्रशासन के अधिकारियों केसाथ बैठक की। अयोध्या नगर निगम के अधिकारियों के लिए कार्यशाला आयोजित की। अयोध्या में भीड़ प्रबंधन पर अध्ययन करने के लिए ट्रस्ट ने रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस को अनुबंधित किया है।

हर महीने कई लाख भक्तों के आने का अनुमान

आरआईटीईएस, अयोध्या में भीड़ प्रबंधन पर एक रिपोर्ट तैयार करेगा जिसे राज्य सरकार द्वारा शहर में लागू किया जाएगा। सरकारी अधिकारियों के अनुसार अयोध्या को पायलट प्रोजेक्ट के लिए इसलिए चुना गया है क्योंकि अगले साल जनवरी में राम मंदिर के खुलने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में भारी उछाल आने की संभावना है। इससे और कचरा पैदा होगा और कचरे का निस्तारण निगम के लिए एक प्रमुख मुद्दा होगा। राम मंदिर के निर्माण में शामिल संस्था श्री राम जन्मभूमि तीरथ क्षेत्र ट्रस्ट ने हर महीने कई लाख भक्तों के आने का अनुमान लगाया है। निगम अधिकारियों के मुताबिक कंपनी कचरे से कार्डबोर्ड और अन्य उत्पाद तैयार करने में मदद करेगी। अयोध्या में वेस्ट मैनेजमेंट के अलावा भीड़ को मैनेज करना भी एक बड़ी चुनौती होगी। अगले साल जनवरी में राम मंदिर के खुलने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा लाजिमी है। इससे और कचरा पैदा होगा, कचरे का निस्तारण निगम के लिए एक प्रमुख मुद्दा होगा। राम मंदिर के निर्माण में शामिल संस्था श्री राम जन्मभूमि तीरथ क्षेत्र ट्रस्ट का हर महीने कई लाख भक्तों के आने का अनुमान है। अधिकारियों के मुताबिक कंपनी कचरे से कार्डबोर्ड और अन्य उत्पाद तैयार करने में मदद करेगी। एक सरकारी अधिकारी का दावा है कि अगर परियोजना अयोध्या में सफल होती है तो राज्य के अन्य हिस्सों में चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जाएगा। अयोध्या में वेस्ट मैनेजमेंट के अलावा भीड़ को मैनेज करना बड़ी चुनौती होगी।

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