आईआईटी से फ्रांस तक : पानी की गहराइयों में भारतीय तकनीक का कमाल


नई दिल्ली, 9 जून (आईएएनएस)। आईआईटी मद्रास से निकली एक भारतीय नवाचार कंपनी ने वैश्विक मंच पर देश का नाम रोशन किया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, आईआईटी के छात्रों की इस कंपनी प्लैनिस टेक्नोलॉजीज का चयन फ्रांस के नीस शहर में आयोजित होने वाले ‘भारत इनोवेट्स 2026’ के लिए किया गया है। यहां यह संस्थान भारत का प्रतिनिधित्व करेगा।

फ्रांस में भारतीय रिसर्च की जानकारी देते हुए बताया जाएगा कि पानी के भीतर स्थित महत्वपूर्ण ढांचों की जांच के लिए रोबोट, एआई और उन्नत विश्लेषण तकनीकों का उपयोग कैसे किया जा रहा है। यह तकनीक गोताखोरों पर निर्भरता को कम करती है व अधिक सटीक नतीजे देने में सक्षम है।

शिक्षा मंत्रालय का कहना है कि 150 से अधिक ग्राहकों, 10 से ज्यादा देशों में संचालन और अनेक पेटेंट के साथ यह कंपनी भारतीय नवाचार की नई पहचान बनकर उभरी है। कंपनी की स्थापना आईआईटी मद्रास के पूर्व छात्रों तनुज झुनझुनवाला और विनीत कुमार उपाध्याय ने की थी।

उन्हें आईआईटी मद्रास के प्रख्यात वैज्ञानिकों प्रोफेसर प्रभु राजगोपाल और प्रोफेसर कृष्णन बालासुब्रमणियन का मार्गदर्शन प्राप्त है। उनके नेतृत्व में विकसित तकनीकें पानी के भीतर मौजूद संरचनाओं की जांच को अधिक सुरक्षित, तेज और सटीक बना रही हैं।

कंपनी द्वारा विकसित विशेष रोबोटिक प्रणालियां और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित निरीक्षण मंच समुद्र, नदियों और जलाशयों के भीतर मौजूद ढांचों की स्थिति का विस्तृत आकलन करते हैं। इससे जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में मानव गोताखोरों पर निर्भरता कम होती है और निरीक्षण कार्य अधिक प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सकता है। प्लैनिस की सेवाएं बंदरगाहों, पुलों, बिजली संयंत्रों, समुद्री ऊर्जा परियोजनाओं और रक्षा क्षेत्र सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उपयोग की जा रही हैं।

कंपनी अब तक दुनिया भर के सैकड़ों स्थानों पर सफल निरीक्षण कर चुकी है, जिससे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा और रखरखाव में सहायता मिली है। फ्रांस में होने वाले इस प्रतिष्ठित आयोजन में चयन भारतीय तकनीकी क्षमता और अनुसंधान आधारित उद्यमिता की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। यह दर्शाता है कि भारत में विकसित अत्याधुनिक तकनीकें अब केवल देश की जरूरतों को ही पूरा नहीं कर रहीं, बल्कि वैश्विक चुनौतियों के समाधान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

पानी की गहराइयों में छिपी चुनौतियों को खोजने और उनका समाधान देने वाली यह भारतीय कंपनी आज दुनिया को दिखा रही है कि नवाचार, अनुसंधान और तकनीकी उत्कृष्टता के बल पर भारत वैश्विक मंच पर नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

–आईएएनएस

जीसीबी/एसके


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