चीन 70 करोड़ कैमरों की मदद से विदेशी नागरिकों की हर गतिविधि पर रख रहा नजर, चौंकाने वाली रिपोर्ट


वाशिंगटन, 24 मई (आईएएनएस)। प्रेस स्वतंत्रता के मामलों में चीन कम रैंकिंग वाले देशों में शामिल है इस बीच एक चौंकाने वाली रिपोर्ट ने सबका ध्यान खींचा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने एक विशाल निगरानी प्रणाली विकसित किया है, जो देश में मौजूद विदेशी नागरिकों की रीयल-टाइम लोकेशन, गतिविधियों और सामाजिक संबंधों पर नजर रख रहा है।

न्यू टैंग डायनेस्टी टेलीविजन ने साइबर सिक्योरिटी रिसर्च ऑर्गनाइजेशन, नेटअस्करी के एक विश्लेषण का हवाला देते हुए बताया गया कि ‘डायनमिक कंट्रोल प्लेटफॉर्म फॉर ओवरसीज पर्सनल’ नाम का सिस्टम सुरक्षा कैमरों, चेहरा पहचान तकनीक, वीजा रिकॉर्ड और मोबाइल डाटा को जोड़कर विदेशी नागरिकों की गतिविधियों को ट्रैक करता है। विदेशी पत्रकारों और कुछ “संवेदनशील व्यक्तियों” को विशेष निगरानी सूची में रखा जाता है।

डाटाबेस में पासपोर्ट नंबर, जन्मतिथि, राष्ट्रीयता, नियोक्ता, चीनी मोबाइल नंबर और अन्य व्यक्तिगत जानकारी शामिल होने का दावा किया गया है। साथ ही लोगों के सामाजिक संबंधों और मूवमेंट पैटर्न को भी ट्रैक करने की बात कही गई है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि चीन में लाखों निगरानी कैमरे मौजूद हैं, जो बड़े पैमाने पर लोगों की गतिविधियों पर नजर रखते हैं।

एनटीडी के लिए लिखते हुए मैरी मैन ने कहा, “विदेशी पत्रकारों के अलावा, यह प्लेटफॉर्म खास समूह पर फोकस करता है, जिसमें ‘फाइव आइज’ अलायंस (ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड, यूनाइटेड किंगडम और यूनाइटेड स्टेट्स) के नागरिक शामिल हैं। यह सिस्टम खास चीनी शहरों में, पड़ोस के ब्लॉक लेवल तक इन नागरिकों के सही डिस्ट्रिब्यूशन पर नजर रखता है।”

सीसीपी के बड़े पैमाने पर निगरानी नेटवर्क की वजह से विदेशी दौरों पर नजर रखना काफी बढ़ गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, डाटाबेस में रखी गई फाइलों में फोटो, देश, एम्प्लॉयर, इंग्लिश और चीनी दोनों में नाम, जन्म की तारीख, नागरिकता, पासपोर्ट नंबर और चीनी मोबाइल नंबर शामिल थे।

मैरी मैन ने ब्रिटेन के एक डेली की रिपोर्टर सोफिया यान का जिक्र करते हुए लिखा, “आप देख सकते हैं कि कौन एक-दूसरे को जानता है, कौन क्लासमेट है, कौन कलीग है, क्या वे एक ही मोहल्ले में रहते हैं, क्या वे एक ही ब्लॉक में रहते हैं, क्या उन्हें कैमरे में एक साथ देखा गया है।” सोफिया यान ने इस डाटा बेस में अपनी पर्सनल प्रोफाइल ढूंढ पाईं।

चीन में अब हर दो नागरिकों पर एक मॉनिटरिंग डिवाइस है और 70 करोड़ से ज्यादा कैमरों वाला सर्विलांस नेटवर्क है। इनकमर्स पर नजर रखने के अलावा, सीसीपी ने कई स्वतंत्र मीडिया को भी देश में आने से रोक दिया।

मैन ने कहा, “ट्रंप के दौरे को कवर करने वाले कई अमेरिकी पत्रकारों को सीसीपी ने वीजा देने से मना कर दिया। जिन लोगों को रोका गया उनमें द एपोक टाइम्स के व्हाइट हाउस रिपोर्टर ट्रैविस गिलमोर, एनटीडी टेलीविजन रिपोर्टर मारी ओत्सु और फोटो जर्नलिस्ट लेई चेन शामिल थे।”

रिपोर्ट में बताया गया है कि 116 मीडिया प्रोफेशनल्स को जेल में डालकर, चीन दुनिया में प्रेस को सबसे ज्यादा जेल में डालने वाला देश है, और वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में नॉर्थ कोरिया और इरिट्रिया से ठीक ऊपर तीसरे सबसे खराब देश के तौर पर रैंक किया गया है।

–आईएएनएस

केके/वीसी


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