मॉरीशस के प्रधानमंत्री और श्रीलंका के राष्ट्रपति के साथ पीएम मोदी ने की मुलाकात

नई दिल्ली, 20 फरवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ नवीनचंद्र रामगुलाम और श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायका से मुलाकात की।
मॉरीशस के प्रधानमंत्री और भारत के प्रधानमंत्री के बीच हुई मुलाकात को लेकर विदेश मंत्रालय ने बताया कि नई दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम ने पीएम मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने उन्नत रणनीतिक साझेदारी की प्रगति और व्यापार एवं निवेश, समुद्री सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और डिजिटल सहयोग सहित विभिन्न क्षेत्रों में इसके बहुआयामी जुड़ाव की समीक्षा की। उभरती प्रौद्योगिकियों के बढ़ते महत्व को देखते हुए उन्होंने समावेशी और सतत विकास को आगे बढ़ाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता और नवाचार-आधारित क्षेत्रों में सहयोग पर विचार-विमर्श किया।
दोनों नेताओं ने मॉरीशस की विकास प्राथमिकताओं के समर्थन में भारत द्वारा दिए गए विशेष आर्थिक पैकेज के कार्यान्वयन की समीक्षा की। प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि मॉरीशस भारत की विकास साझेदारी के लिए एक आदर्श भागीदार है, जो आपसी विश्वास और प्रगति के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसके साथ ही दोनों प्रधानमंत्रियों ने भारत के विजन महासागर और पड़ोसी देशों को प्राथमिकता देने की नीति के तहत भारत-मॉरीशस साझेदारी के चिरस्थायी महत्व की पुष्टि की और वैश्विक दक्षिण की साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने तथा पारस्परिक समृद्धि में इसके योगदान पर जोर दिया।
इसके साथ ही नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने तथा हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि में योगदान देने के लिए मिलकर काम करना जारी रखने पर सहमति व्यक्त की।
श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायका और भारत के पीएम मोदी के बीच हुई मुलाकात को लेकर विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों नेताओं ने हाल की उच्च स्तरीय यात्राओं, जिनमें अप्रैल 2025 में प्रधानमंत्री की श्रीलंका की राजकीय यात्रा भी शामिल है, के फलस्वरूप शुरू की गई द्विपक्षीय पहलों में हुई प्रगति की समीक्षा की। दोनों नेताओं ने भौतिक, डिजिटल और ऊर्जा कनेक्टिविटी के प्रमुख स्तंभों में सहयोग को और तेज करने की साझा प्रतिबद्धता पर बल दिया। विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में प्रौद्योगिकी की भूमिका को स्वीकार करते हुए उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग में तालमेल पर भी विचार-विमर्श किया।
राष्ट्रपति दिसानायका ने चक्रवात दितवाह के बाद भारत द्वारा दिए गए त्वरित और बिना शर्त समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। श्रीलंका में हाल ही में संपन्न हुई पवित्र देवनीमोरी अवशेषों की प्रदर्शनी की सफलता का स्वागत करते हुए दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि सभ्यतागत संबंधों की मजबूती भारत-श्रीलंका साझेदारी को अद्वितीय लाभ प्रदान करती है।
इसके साथ ही दोनों नेताओं ने श्रीलंका की सतत विकासात्मक आवश्यकताओं को पूरा करने और हिंद महासागर क्षेत्र की स्थिरता में योगदान देने के लिए द्विपक्षीय सहयोग को और आगे बढ़ाने हेतु संयुक्त रूप से कार्य करने पर सहमति व्यक्त की।
–आईएएनएस
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