बिहार में कांग्रेस को कई लोकसभा सीटों पर सता रहा भीतरघात का भय

पटना, 1 मई (आईएएनएस)। बिहार महागठबंधन ने लोकसभा चुनाव में बढ़त बनाने को लेकर पूरी ताकत झोंक दी है। इसी बीच महागठबंधन के प्रमुख घटक दल कांग्रेस को कई सीटों पर प्रत्याशियों को लेकर हो रहे विरोध के चलते भीतरघात का भय सताने लगा है।

बिहार महागठबंधन में कांग्रेस के खाते में नौ सीटें आई हैं। कांग्रेस ने अपने सभी प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है। कांग्रेस ने महाराजगंज से प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह के पुत्र आकाश प्रसाद सिंह को प्रत्याशी बनाया है।

वहीं, समस्तीपुर से नीतीश सरकार के मंत्री के बेटे सन्नी हजारी को प्रत्याशी बनाकर चुनावी मैदान में उतार दिया है। कहा जा रहा है कि दोनों प्रत्याशियों को लेकर कांग्रेस में नाराजगी के स्वर फूट रहे हैं। महाराजगंज से आकाश सिंह को प्रत्याशी बनाए जाने से नाराज कांग्रेस के नेता भी खुलकर सामने आ रहे हैं।

दरअसल, पिछले लोकसभा चुनाव में आकाश सिंह ने मोतिहारी संसदीय क्षेत्र से उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी आरएलएसपी के टिकट से चुनाव लड़ा था। हालांकि, उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था। अब इसी को लेकर कांग्रेस के स्थानीय नेता विरोध कर रहे हैं।

स्थानीय कांग्रेस नेता डॉ. कमल देव नारायण शुक्ला सहित अन्य पार्टी नेताओं ने सोनिया गांधी को पत्र भी लिखा है। विरोध में खड़े कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि आकाश सिंह इस क्षेत्र से पूरी तरह अनभिज्ञ हैं, ऐसे में उन्हें प्रत्याशी नहीं बनाया जाना चाहिए था।

समस्तीपुर से जदयू के नेता के पुत्र सन्नी हजारी को प्रत्याशी बनाने से भी कांग्रेस के नेता नाराज बताए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि ठीक चुनाव से पहले पार्टी में शामिल नेता को टिकट दिया गया।

बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ललन कुमार इसे बड़ा मुद्दा नहीं मानते हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव में ऐसी बातें होती हैं। व्यक्तिगत स्वार्थ छोड़कर सभी कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नाम पर इंडिया गठबंधन को जिताने का काम करेंगे। यह देश बचाने का चुनाव है। जो भी लोगों की नाराजगी है, उसे दूर कर लिया जाएगा।

–आईएएनएस

एमएनपी/एबीएम

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