यूपीआई-आधारित भुगतान पहली बार दस अरब मासिक लेनदेन के पार


नई दिल्ली, 1 सितंबर (आईएएनएस)। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) के अनुसार, यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) आधारित भुगतान पहली बार अगस्त में 10 अरब मासिक लेनदेन को पार कर गया।

एनपीसीआई ने गुरुवार देर रात पुष्टि की कि यूपीआई पर मासिक लेनदेन संख्या 15.18 ट्रिलियन रुपये के लेनदेन मूल्य के साथ 10.24 बिलियन को पार कर गई है।

यूपीआई पर लेनदेन 50 प्रतिशत (साल-दर-साल) से अधिक बढ़ गया है और अगस्त में 6.58 बिलियन मासिक लेनदेन देखा गया।

जुलाई में डिजिटल भुगतान नेटवर्क ने 9.96 अरब लेनदेन दर्ज किए थे।

अक्टूबर 2019 में पहली बार यूपीआई ने 1 बिलियन मासिक लेनदेन को पार किया।

यूपीआई लेनदेन 2018 और 2022 के बीच मूल्य के साथ-साथ मात्रा के मामले में कई गुना, क्रमशः 1,320 प्रतिशत और 1,876 प्रतिशत बढ़ गया।

2018 में, वॉल्यूम के हिसाब से यूपीआई लेनदेन 374.63 करोड़ था, जो 2022 में 1,876 प्रतिशत बढ़कर 7,403.97 करोड़ हो गया।

मूल्य के संदर्भ में, यूपीआई लेनदेन 2018 में 5.86 लाख करोड़ रुपये था, जो 2022 में 1,320 प्रतिशत बढ़कर 83.2 लाख करोड़ रुपये हो गया।

आरबीआई ने इस साल फरवरी में भारत आने वाले विदेशी नागरिकों और एनआरआई को भारत में रहते हुए यूपीआई का उपयोग करके भुगतान करने में सक्षम बनाकर प्रवेश की अनुमति दी थी।

यह सुविधा जी20 देशों के यात्रियों को उनके व्यापारिक भुगतान के लिए चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों (बेंगलुरु, मुंबई और नई दिल्ली) पर विस्तारित की गई है।

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने कहा है कि इस सुविधा को 10 देशों सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, हांगकांग, ओमान, कतर, अमेरिका, सऊदी अरब, यूएई और यूके के लिए अनुमति दी गई है।

विदेशों में यूपीआई की स्वीकार्यता 2022 में शुरू हुई।

–आईएएनएस

सीबीटी


Show More
Back to top button