एंड-टू-एंड बाधा रहित ऋण वितरण के लिए नया मंच तैयार किया जा रहा : आरबीआई

एंड-टू-एंड बाधा रहित ऋण वितरण के लिए नया मंच तैयार किया जा रहा : आरबीआई

चेन्नई, 10 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि वंचित क्षेत्रों को डिजिटल मोड पर एंड-टू-एंड बाधा रहित ऋण देने के प्रयास में, रिजर्व बैंक इनोवेशन हब (आरबीआईएच) एक सार्वजनिक तकनीकी प्लेटफॉर्म विकसित कर रहा है।

गवर्नर शक्तिकांत दास ने गुरुवार को आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के फैसलों की घोषणा करते हुए कहा कि नए प्लेटफॉर्म को कैलिब्रेटेड तरीके से पेश किया जाएगा।

दास ने कहा कि केंद्रीय बैंक ने आरबीआईएच के साथ मिलकर एंड-टू-एंड डिजिटल प्रक्रियाओं के माध्यम से बाधा रहित ऋण वितरण के लिए सितंबर 2022 में एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया, जिसकी शुरुआत किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋण से हुई।

केसीसी ऋण के लिए पायलट प्रोजेक्ट (योजना) वर्तमान में मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के चुनिंदा जिलों में चालू है।

गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि हाल ही में, गुजरात के चुनिंदा जिलों में डेयरी ऋण को पायलट प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है।

पायलटों से मिली सीख के आधार पर और एंड-टू-एंड डिजिटल ऋण प्रक्रियाओं के दायरे का विस्तार करने के लिए, आरबीआईएच द्वारा बाधा रहित ऋण वितरण के लिए एक सार्वजनिक तकनीकी मंच विकसित किया जा रहा है।

गवर्नर ने आगे कहा कि इस प्लेटफ़ॉर्म को एक कैलिब्रेटेड तरीके से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू करने का इरादा है। इसमें एक खुला आर्किटेक्चर और खुला एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (एपीआई) और मानक होंगे, जिससे सभी वित्तीय क्षेत्र के प्लेयर निर्बाध रूप से जुड़ सकते हैं।

इस पहल से अब तक वंचित क्षेत्रों में ऋण की पहुंच में तेजी आएगी और वित्तीय समावेशन और गहरा होगा।

–आईएएनएस

एफजेड/एबीएम

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