भारत में खुदरा महंगाई दर फरवरी में 3.21 प्रतिशत रही; अरहर, लहसुन और आलू के दाम घटे


नई दिल्ली, 12 मार्च (आईएएनएस)। भारत में खुदरा महंगाई दर फरवरी में 3.21 प्रतिशत रही है, जो कि जनवरी की महंगाई दर 2.74 प्रतिशत से 0.47 प्रतिशत अधिक है। यह जानकारी सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा गुरुवार को दी गई।

मंत्रालय की ओर से जारी किए गए डेटा के मुताबिक, फरवरी में ग्रामीण इलाकों में खुदरा महंगाई दर 3.37 प्रतिशत रही है, जो कि जनवरी में 2.73 प्रतिशत थी।

वहीं, शहरी इलाकों में फरवरी में खुदरा महंगाई दर 3.02 प्रतिशत रही है, जो कि शहरी इलाकों में 2.75 प्रतिशत थी।

खाद्य महंगाई दर फरवरी में 3.47 प्रतिशत रही है। इस दौरान ग्रामीण इलाकों में खाद्य महंगाई दर 3.46 प्रतिशत और शहरी इलाकों में 3.48 प्रतिशत रही है।

मंत्रालय ने बताया कि फरवरी में जिन पांच चीजों के दाम सालाना आधार पर सबसे अधिक कम हुए हैं, उनमें लहसुन (-31.09 प्रतिशत), प्याज (-28.20 प्रतिशत), आलू (-18.46 प्रतिशत), अरहर (-16 प्रतिशत) और लीची (-11.52 प्रतिशत) शामिल हैं।

फरवरी में जिन पांच चीजों के दाम सबसे अधिक बढ़े हैं, उनमें सिल्वर ज्वेलरी (160.84 प्रतिशत), गोल्ड/डायमंड/प्लेटिनम ज्वेलरी (48.16 प्रतिशत), कोपरा (46.16 प्रतिशत), टमाटर (45.29 प्रतिशत) और फूलगोभी (43.77 प्रतिशत) शामिल हैं।

इसके अलावा, फूड एंड बेवरेज में महंगाई दर फरवरी में 3.35 प्रतिशत, पान और तंबाकू में 3.49 प्रतिशत, कपड़े और जूते में 2.81 प्रतिशत, हाउसिंग, पानी, बिजली, गैस एवं अन्य फ्यूल में 1.52 प्रतिशत और एजुकेशन सर्विसेज में 3.33 प्रतिशत रही है।

फरवरी में जिन पांच राज्यों (50 लाख से अधिक जनसंख्या वाले) में सबसे अधिक महंगाई रही है। उनमें तेलंगाना (5.02 प्रतिशत), राजस्थान (3.53 प्रतिशत), केरल (3.50 प्रतिशत), आंध्र प्रदेश (3.45 प्रतिशत) और पश्चिम बंगाल (3.44 प्रतिशत) का नाम शामिल है।

आधिकारिक बयान में बताया गया है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा संगठन (एनएसओ), स्वास्थ्य एवं विकास मंत्रालय (एमओएसपीआई) के फील्ड ऑपरेशंस डिवीजन के फील्ड स्टाफ द्वारा साप्ताहिक आधार पर व्यक्तिगत दौरों के माध्यम से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कवर करते हुए चयनित 1407 शहरी बाजारों (ऑनलाइन बाजारों सहित) और 1465 गांवों से वास्तविक समय मूल्य डेटा एकत्र किया जाता है। फरवरी 2026 के महीने के दौरान, 100 प्रतिशत ग्रामीण और शहरी बाजारों से मूल्य एकत्र किए गए, जबकि बाजारवार रिपोर्ट किए गए मूल्य ग्रामीण बाजारों के लिए 99.89 प्रतिशत और शहरी बाजारों के लिए 99.78 प्रतिशत थे।

–आईएएनएस

एबीएस/


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